डॉ. शिरीष राजे, मनोवैज्ञानिक, एक कड़वा लेकिन विचारणीय सत्य सामने रखते हैं — एक ऐसा सत्य जिसे हर वृद्ध पुरुष को पढ़ना चाहिए… और ठहरकर सोचना…